लुकाछुपी - Hide & Seek

Sunday, November 27, 2016

जब आँखें बंद की थी मैंने
तब  तुम थी
आँखें  खुली, तो हुई तुम गायब
लुकाछुपी में थी तुम माहिर
अब सोचता हूँ मैं
 कि तुम सपना तो नहीं!

अब नींद आई तो
सहम के करवटें बदल लेता हूँ
 ये सोच के,
 कि सपनों में टकराये  ना अखियाँ हमारी!


Copyright @ Ajay Pai 2016

Image courtesy : Aj's album.

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