Monday, November 28, 2016

मायका - Maternal Home

11:01 AM | Ajay Pai | 0 comments

याद है मुझे आज भी   वो शाम  सोंधी सी खुशबू थी  महक रहा था आसमान  सूरज सिसकियाँ लेते हुए  बादल  की ओढ़नी में  छुपा था  बिदाई....

Read More

Sunday, November 27, 2016

लुकाछुपी - Hide & Seek

9:18 AM | Ajay Pai | 0 comments

जब आँखें बंद की थी मैंने तब  तुम थी आँखें  खुली, तो हुई तुम गायब लुकाछुपी में थी तुम माहिर अब सोचता हूँ मैं  कि तुम सपना तो नहीं! अब नींद आई तो सहम के करवटें....

Read More

Thursday, November 24, 2016

मियाद - Expiry Date

10:12 AM | Ajay Pai | 0 comments

साहिबा, जो पल गुज़ारे थे  हमने  एक दूजे कि बाहों में,  वो आज बस ख़याल बने मंडरा रहे  हैं ! दफन करदूँगा उन ख्यालों को आज  लपेट के इस कोरे....

Read More

Wednesday, November 23, 2016

रात - Night

9:54 AM | Ajay Pai | 0 comments

इतनी जल्दबाज़ी क्यूँ करते हो, जनाब  सांझ अभी तो जवान हुई है  बहक जाने दो उन् अखियन में  करवटें बदलने दो उनकी बाहों में  इक रात ही तो है  करीबी....

Read More

Tuesday, November 22, 2016

याराना - Friendship

8:43 AM | Ajay Pai | 0 comments

आँसू तब भी निकले थे,  ग़ालिब - जब उसने नाता तोडा था ! और, आज भी अश्क़ निकले हैं  जब मेला है यारों का सजा ! बस, फर्क सिर्फ इतना ही  की आज मैं हँस पड़ा....

Read More

Monday, November 21, 2016

नशा - Intoxication

10:26 AM | Ajay Pai | 0 comments

साहिबा ! उन  होंटों में ऐसा नशा नहीं है कि हम डगमगा जाए नशा , तो दिल के टूटने से होता है  बिखर के समेटने में होता है   रूह काँप उठती है  होश....

Read More

Sunday, November 20, 2016

Poison on my Lips

1:12 AM | Ajay Pai | 0 comments

On my bedspread last night I saw you; You knew how to hold my face and, smudge my lips to drench them in love. Swaying in the trance I let you fuse into....

Read More

Thursday, November 17, 2016

The childhood that I never had..

5:33 AM | Ajay Pai | 0 comments

The pungent smell of the rain Drenches me in its nostalgic drizzle, I am soaking in the faint memories of my childhood That I never had. Dad’s wake-up kiss His warmth Never breached....

Read More

Sunday, November 13, 2016

Dad's love

12:26 PM | Ajay Pai | 0 comments

You must know this before I sigh a goodnight It is your love for me That has held me sane. Wrap me up in your love And, walk me through this fire, Unscathed! I have my....

Read More

Thursday, November 10, 2016

Krishna & his sensuous blue skin

12:10 PM | Ajay Pai | 0 comments

Ashamed I am not, Krishna My sensuous pal, to make known To this world ‘bout my yearning for you For a speck of your tanned blue skin. If you let me cuddle you I‘d....

Read More